मेरा पीरियड देर से क्यों आता है? 7 कारण जो आपको जानना चाहिए
जब हर महीने समय पर आने वाला पीरियड अचानक देर से आए, तो मन में कई तरह के सवाल उठने लगते हैं। सबसे पहला सवाल यही होता है कि मेरा पीरियड देर से क्यों आता है? कई महिलाएँ इसे हल्के में ले लेती हैं, तो कुछ लोग तुरंत डर जाती हैं कि कहीं कोई बड़ी समस्या तो नहीं है। पीरियड लेट होने से न सिर्फ शरीर में असहजता होती है, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ जाता है।
सच यह है कि पीरियड देर से आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, और हर बार इसका मतलब कोई गंभीर बीमारी नहीं होता। लेकिन बार-बार पीरियड लेट होना शरीर के संतुलन में गड़बड़ी का संकेत जरूर हो सकता है।
इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि पीरियड लेट होने के कारण क्या हैं, पीरियड कितने दिन लेट हो सकता है, पीरियड लेट हो तो क्या करें, और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
पीरियड कितने दिन लेट हो सकता है?
सामान्य रूप से पीरियड साइकिल 28 से 30 दिनों की मानी जाती है, लेकिन हर महिला में यह अलग हो सकती है। कई बार 2 से 5 दिन तक पीरियड लेट होना सामान्य माना जाता है। लेकिन अगर पीरियड 7 दिन या उससे ज्यादा देर से आए, या हर महीने समय बदलता रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार देरी शरीर में किसी अंदरूनी कारण की ओर इशारा कर सकती है।
पीरियड लेट होने के 7 कारण
1. मानसिक तनाव
ज्यादा चिंता, डर या तनाव का सीधा असर पीरियड साइकिल पर पड़ता है। तनाव हार्मोन को बिगाड़ देता है, जिससे पीरियड देर से आ सकता है।
2. हार्मोन असंतुलन
शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगड़ने पर पीरियड अनियमित हो सकता है। यह समस्या खासकर युवतियों और हाल ही में शादीशुदा महिलाओं में देखी जाती है।
3. वजन में अचानक बदलाव
बहुत तेजी से वजन बढ़ना या घट जाना भी पीरियड लेट होने का कारण बन सकता है। शरीर को नए बदलाव के अनुसार ढलने में समय लगता है।
4. अत्यधिक शारीरिक मेहनत
जरूरत से ज्यादा व्यायाम या शारीरिक मेहनत करने से शरीर पर दबाव पड़ता है, जिससे पीरियड साइकिल प्रभावित हो सकती है।
5. थायरॉइड की समस्या
थायरॉइड ग्रंथि की गड़बड़ी पीरियड लेट होने के कारणों में एक आम वजह है। इसमें समय पर जांच जरूरी होती है।
6. गर्भावस्था
अगर पीरियड बहुत ज्यादा लेट हो गई है और हाल में संबंध बने हैं, तो गर्भावस्था भी एक कारण हो सकता है। ऐसी स्थिति में जांच जरूरी है।
7. पीरियड से जुड़ी पुरानी समस्याएँ
अगर पहले से पीरियड अनियमित रहते हैं, बहुत दर्द होता है या ज्यादा खून आता है, तो पीरियड लेट होना आम हो सकता है।
पीरियड लेट हो तो क्या करें?
जब पीरियड देर से आए, तो घबराने के बजाय कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है। सबसे पहले अपनी दिनचर्या, तनाव और खानपान को देखें। पर्याप्त नींद लें, संतुलित भोजन करें और खुद को ज्यादा मानसिक दबाव में न रखें। अगर पीरियड बार-बार लेट हो रहा है, तो घरेलू उपायों के भरोसे न रहें और सही जांच करवाना जरूरी है।
पीरियड से जुड़ी समस्याओं का इलाज क्यों जरूरी है?
पीरियड लेट होने को लंबे समय तक नजरअंदाज करने से हार्मोन की समस्या, कमजोरी, गर्भधारण में दिक्कत और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं। इसलिए समय रहते इलाज कराना जरूरी होता है। इसी वजह से मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं का इलाज अनुभवी डॉक्टर से करवाना बहुत जरूरी माना जाता है।
महिला स्त्रीरोग विशेषज्ञ के रूप में डॉ. दीपिका को क्यों चुनें?
डॉ. दीपिका महिलाओं की सेहत से जुड़ी समस्याओं को गहराई से समझकर इलाज करने वाली अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। पीरियड लेट होने की समस्या हो या हार्मोन असंतुलन, वे हर महिला को उसकी उम्र और स्थिति के अनुसार व्यक्तिगत इलाज प्रदान करती हैं। अनावश्यक दवाइयों से बचते हुए सही जांच और संतुलित इलाज उनकी खास पहचान है। इसी वजह से महिलाएँ उन्हें जयपुर की सर्वश्रेष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में भरोसे के साथ चुनती हैं।
निष्कर्ष
पीरियड देर से आना हर बार किसी गंभीर समस्या का संकेत नहीं होता, लेकिन इसे लगातार नजरअंदाज करना भी सही नहीं है। तनाव, हार्मोन असंतुलन, वजन में बदलाव और जीवनशैली से जुड़े कारण पीरियड लेट होने के कारण बन सकते हैं। यह समझना जरूरी है कि पीरियड कितने दिन लेट हो सकता है और कब यह चिंता का विषय बन जाता है।
अगर आपका पीरियड बार-बार देर से आ रहा है, शरीर में बदलाव महसूस हो रहे हैं या मन में लगातार कन्फ्यूजन है, तो सही समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे समझदारी भरा कदम है।
डॉ. दीपिका, जयपुर की सर्वश्रेष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ, महिलाओं को मासिक धर्म से जुड़ी हर समस्या में सही मार्गदर्शन और सुरक्षित इलाज प्रदान करती हैं। समय पर सही इलाज ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।